Topbanner2 ICAR Home page ICAR Home page Hindi Home page homepage homepage Untitled

  • ????? ?????
  • ???? ?? ????? ???
  • ????? ??????
  • ??????
  • ?????????
  • ??????? ?????
  • ??????

सोलन - भारत का खुम्ब षहर

हमारा अधिदेष

सोलन का सामान्य जलवायु

वैज्ञानिकों की सूची

तकनीकी बुलेटिनों

न्यूज लैटर

लिफलेट/फोल्डर

दी जाने वाली सेवायें

मषरूम प्रषिक्षण

विस्तार गतिविधियां

मषरूम मेला

पुस्तकालय

जर्नल्स/मैगजीन:

पत्रिकाए

किसानों के लिए

प्रगतिषील किसान

सफलता की कहानी

प्रतिक्रया (फीड बैक)

सरकारी स्पान (खुम्ब बीज) आपूर्तिकर्ता

अक्सर पूछे जाने वाले प्रष्न

हमारा पता

निदेषक

राष्ट्रीय खुम्ब अनुसंधान एवं प्रषिक्षण केन्द्र (रा.खु.अनु.एवं प्रषि. के.) सोलन में छठी पंचवर्षीय योजना के दौरान 1983 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भा.कृ.अनु.परि.) के तत्वधान में (जिसका नाम बाद में बदल कर राष्ट्रीय खुम्ब अनुसंधान केन्द्र रखा गया) अखिल भारतीय खुम्ब सुधार परियोजना जो कि छः राज्यों की विभिन्न कृषि विष्वविद्यालयों में तथा जिसका मुख्यालय सोलन में रखा गया,  अस्तित्व में आया। केन्द्र का विधिवत उद्घाटन 21 जून, 1987 को डा. गुरदयाल सिंह ढिल्लों, उस समय के केन्द्रीय कृषि मंत्री व अध्यक्ष भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा किया गया। इसको उच्चीकरणोंपरांत खुम्ब अनुसंधान निदेषालय दिनांक 26 दिसम्बर, 2008 को किया गया। इसकी स्थापना का मुख्य उद्देष्य खुम्ब के हर पहलू पर अनुसंधान करना व प्रषिक्षणार्थियों तथा उत्पादकों को प्रषिक्षण प्रदान करना था।  वर्तमान में अखिल भारतीय खुम्ब अनुसंधान समन्वयन परियोजना  के 14 समन्वित व 2 सहकारिता केन्द्र देष के 15 राज्यों में अपने क्षेत्रों में सर्वे, नई खुम्ब किस्मों को एकत्रित करना, अनुसंधान करना व खुम्ब की यथा काल व्यवस्था करना व उनकी प्रजातियों को देष की विभिन्न जलवायु के अनुसार निरीक्षण करना और खुम्ब अनुसंधान निदेषालय में विकसित तकनीक का परीक्षण करना था इसके ध्येय हैं। 

अपने अस्तित्व के 25 वर्षों के अतीत में निदेषालय ने देष में मषरूम अनुसंधान व  विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। निदेषालय के वैज्ञानिकों के ठोस प्रयासों द्वारा मषरूम उत्पादकता देष में लगभग दौगुनी हुई है और उत्पादन में छः गुना वृद्वि दर्ज की गई है। वर्तमान में निदेषालय खुम्ब का संग्रह, पहचान के लक्षण, संरक्षण और अनुवंषिक मषरूम जर्मप्लाजम, उच्च उत्पादकता किस्मों का विकास, विभिन्न खाद्य मषरूमों की उत्पादन तकनीकों में सुधार,  नई स्पेस्लटी मषरूम की उच्च प्रौद्योगिकी का विकास, एकीकृत कीट और रोग प्रबंधन, विभिन्न खुम्ब के पस्च फसल तकनीकियों व प्रषिक्षणार्थियों, उद्यमियों, उत्पादकों, बेरोजगार युवाओं व  महिलाओं के लिए प्रषिक्षण प्रदान करने का कार्य कर रहा है।

© DMR All rights Reserved

 हिन्दी रूपान्तरण द्वाराः श्री दीप कुमार ठाकुर